New Delhi : संयुक्त राष्ट्र की लैंगिक समानता की रफ्तार बेहद धीमी होने की रिपोर्ट के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि महिलाएं पुरुषों से बराबरी की बात करके स्वयं को कमतर आंकती हैं ,उन्हें ईश्वर ने शक्तिशाली और पुरुषों से ऊंचा बनाया है, उन्हें बराबरी की बात करने की क्या जरुरत है जबकि संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ राजनयिक बुलंदियों के शिखर पर पहुंची महिलाओं के अदम्य साहस,कर्मठता एवं जज्बे को सलाम करती हैं।
शर्मा ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में कहा कि भगवान ने महिलाओं को तो पहले ही विशेष बनाया है। उनमें शक्ति ज्यादा है। वे मजबूत हैं,तभी बच्चों के जन्म की पीड़ा आंख मूंद कर सहती हैं और नयी जिम्मेदारियों को हंस-हंस कर उठाती हैं। क्या किसी पुरुष में है इतना दुख-दर्द सहने की है क्षमता? उन्होंने कहा कि महिलाएं मजबूत हैं, मजबूर नहीं। बराबरी का दर्जा उन्हें क्यों चाहिए?
जब वे पहले ही आगे हैं, तो बराबरी की दर्जा किससे चाहिए? संविधान ने भी उन्हें सभी अधिकार दिए हैं। पुरुषों से बराबरी की बात करना नारी शक्ति का अनादर है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण का मतलब मात्र घर से बाहर निकल कर पैसा कमाना नहीं है। घर में चक्करघिन्नी बनी नौकरीशुदा महिलाओं को पति तथा परिवार के अन्य सदस्यों की मदद और अपनी कमाई अपनी मर्जी से खर्च करने की आजादी जैसे मुद्दे महिला सशक्तिकरण के अहम पहलु हैं
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