Thursday, 29 December 2016

अगर आप भी खुश रहना चाहते हैं तो जाएं इन जगहों पर

Hindi Newsविश्व में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जहां पर लोग हमेशा खुश रहते हैं, यहां के स्थानीय लोगों को इतना खुश देखकर बाहर से आने वाले पर्यटक भी कई बार तो यहीं के होकर रह जाते हैं। इन जगहों का माहौल बहुत ही खुशनुमा है। आइए आपको बताते हैं इन जगहों के बारे में....
साओ पाओलो, ब्राजील :-
साओ पाउलो ब्राजील के दक्षिण में स्थित है, यहां का माहौल बहुत ही खुशनुमा है, यह सांस्कृतिक संस्थाओं और पुरानी परंपरा के साथ-साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय शहर में से एक है।
मेक्सिको सिटी :-
मैक्सिको शहर सुंदर महलों और चिलांगॉ के रूप में जाना जाता है, यहां के लोग खुलकर मौज-मस्ती करते हैं।
वारसा :-
वारसॉ पोलैंड की राजधानी है और अनुकूल प्रकृति के लिए जाना जाता है।
ऑकलैंड, न्यूजीलैंड :-
ऑकलैंड न्यूजीलैंड के उत्तर में बसा एक प्रमुख शहर है, यहां के लोग बहुत फ्रेंडली और विनम्र हैं।
जगरेब :-
जगरेब क्रो एशिया में स्थित है और यह देश के उत्तर में स्थित है। यहां के लोग काफी विनम्र स्वभाव के है और जल्दी ही हर किसी को अपना बना लेते है। इस कारण कई बार यहां घूमने आने वाले पर्यटक यहीं रहने लगते हैं।
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Wednesday, 28 December 2016

कूलपैड की प्रीमियम स्मार्टफोन खंड पर निगाह, 40,000 रुपए कीमत वाला फोन लाएगी

Hindi Newsहैंडसेट कंपनी कूलपैड की प्रीमियम स्मार्टफोन खंड पर निगाह है और वह आने वाले दिनों में लगभग 40,000 रुपए की कीमत वाला स्मार्टफोन पेश करेगी। कूलपैड इंडिया के सीईओ सैयद ताजुद्दीन ने कहा,' हम सभी कीमत श्रेणियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। 

हम लगभग 40,000 रुपए की कीमत वाला स्मार्टफोन लाने की सोच रहे हैं। इसमें अपनी तरह के श्रेष्ठ फीचर होंगे। इस इस (प्रीमियम) श्रेणी को छोड़ेंगे नहीं।‘कूलपैड ने अपना नया स्मार्टफोन कूलपैड 1 डुअल भारतीय बाजार में पेश किया जिसकी शुरआती कीमत 13,999 रुपए रखी गई। यह फोन दो संस्करणों में पांच जनवरी से अमेजन डाट इन पर उपलब्ध होगा।
कूलपैड कूल 1 में 1.8 गीगाहट्र्ज ओक्टाकोर प्रोसेसर, 3 व 4 जीबी रैम, 32 जीबी मैमोरी, 13 एमपी का कैमरा, डुअल सिम व 4000 एमएएच की बैटरी है। कंपनी का कहना है कि इस फोन में कूलपैड व लेइको, दो कंपनियों की हार्डवेयर व साफ्टवेयर विशेषताओं को शामिल किया गया है।
ताजुद्दीन ने कहा कि कंपनी के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण बाजार रहा है और उसे यहां 'योजना से अधिक अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।‘ उन्होंने कहा- साल 2017 कंपनी के लिए पासा पलटने वाला साबित होगा जिसमें वह चार प्रतिशत बाजार भागीदारी का लक्ष्य लेकर चल रही है।- एजेंसी
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Monday, 26 December 2016

मंगलवार के दिन इन कामों को करने से व्यक्ति का भाग्य छोड़ देता है उसका साथ

Hindi Newsशास्त्रों में मंगलवार को अत्यधिक क्रूर वार माना गया है। मंगल को सभी शास्त्रों में क्रूर व रक्तपात का ग्रह माना गया है। मंगल का लाल रंग मृत्यु व खून-खराबे को संबोधित करता है। धार्मिक शास्त्रों में मंगलवार के दिन कुछ काम करने की मनाही है जिनसे व्यक्ति की सेहत और उसका भाग्य प्रभावित होता है। ऐसे में अगर मंगलवार के दिन इन कामों को किया जाए तो व्यक्ति का भाग्य उसका साथ छोड़ देता है :-
अगर किसी व्यक्ति द्वारा मंगलवार के दिन पशु बलि दी जाती है तो इससे व्यक्ति की संतान पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
जो व्यक्ति मंगलवार के दिन मुर्गा इत्यादि पक्षियों को मारकर खाते हैं उनकी बुद्धि भ्रमित हो जाती है।

जो लोग मंगलवार के दिन मछली खाते हैं उनसे लक्ष्मी जी सदा दूर रहती हैं। वे चाहकर भी पैसे जोड़ नहीं पाते हैं। व्यर्थ के कार्यों में उनका पैसा पानी की तरह बहता है।
मंगलवार के दिन शराब पीने से व्यक्ति का स्वभाव उग्र हो जाता है। जिससे उसके सोचने समझने की शक्ति क्षीण हो जाती है।  
मंगलवार के दिन झगड़ा करने से व्यक्ति का पराक्रम घटता है और उसकी जगहंसाई होती है।
मंगलवार के दिन मांस का सेवन करने से व्यक्ति के परिवार का नाश होता है।
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Sunday, 25 December 2016

अपने आप को चुनौती देकर अपने आप को जाने

Hindi Newsआप वास्तव में यह जानना चाहते हैं की आपमें कितनी Potential है तो लोगों से अपने बारें में जानना बंद कीजिये ,क्योंकि वो आपको उतना ही बता सकते हैं जितना वो आपके बारे जानते हैं और ध्यान देने वाली बात यह है की क्या आज लोगों के पास इतना समय है की वो किसी को ठीक से जान पाए ?
अत: आपके दोस्त, परिवार और आसपास के लोग वही बतायेंगे जो उन्होंने देखा है और यदि आप अपने श्रेष्ठ रूप से मिलना चाहते हैं जो हमेशा सीखता रहता है ,कोशिश करता रहता है व प्रत्येक परिस्थिति में सकारात्मक रहता है और लोग उसकी लीडरशिप की प्रशंसा करते हैं तो तैयार हो जाएं 
स्वयं से बात करने के लिए : आप का सबसे अच्छा दोस्त ? आप स्वयं  हैं अपने आप से बातें करे अपनी strengths , weakness के लिए और अपने आप को फीडबैक देना और उन पर काम करना शुरू करें, यह क्रम रोजाना दोहरा सकते हैं या फिर साप्ताहिक लेकिन जैसे-जैसे यह करेंगे आप अपने आप को और जानने लगेंगे।
स्वयं को चुनौती देना शुरू करें : सब कुछ आसानी से होता जा रहा है और life बड़े आराम से चल रही है तो यह एक खतरे का अलार्म है आपके लिए की आप अपनी वास्तविक क्षमताओं को खो रहे हैं व एक ओसत ( mediocre ) जीवन जी रहे हैं। इससे पहले की लोग व बदलता समय आप को चुनौती दे और आप इस भीड़ में खो जाएं ,स्वयंको नए-नए काम सीखने के लिए कुछ नया करने और रिस्क ( Risk ) लेने के लिए चुनौती देना शुरू करें यक़ीनन आप हर रोज पिछले दिन से बेहतर होंगे।
खुद पर हंसना सीख लें : हम अपने ज्यादातर काम तो इस भय से नहीं कर पाते है की असफल हो गए तो लोग हँसेंगे, बातें बनायेंगे और यदि हम स्वयं ही स्वयं पर हँसना शुरू कर दें तो ? लोग कहेंगे पागल है, बेवकूफ है कहने दीजिये लेकिन यदि आपने स्वयं पर हँसने की आदत डाल ली तो फिर आपको जीवन में आगे बढ़ने और खुश रहने से कोई नहीं रोक सकता ,इसलिए हँसे अपनी असफलता पर, सफलता पर ,गलतियों पर और जाने अपने ही एक अलग रूप को जो सिर्फ और सिर्फ आगे बढ़ना जानता है।
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Wednesday, 21 December 2016

सियासी दलों के गुप्त चंदे को सीमित करने की सिफारिश

Hindi News : चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल रोकने के लिए चुनाव आयोग ने सरकार से राजनीतिक दलों को मिलने वाले गुप्त चंदे पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। 
चुनाव आयोग ने सरकार को सुझाव भेजा है कि राजनीतिक दलों को 2000 रुपए और इससे ज्यादा के अज्ञात चंदे पर पाबंदी के लिए कानून में संशोधन किया जाए। वर्तमान में राजनीतिक दलों को प्राप्त होने वाले अज्ञात चंदे पर कोई संवैधानिक या कानूनी पाबंदी नहीं है तथा चुनाव में पार्टियों को मिलने वाले चंदे पर टैक्स छूट प्राप्त है। इसी की आड़ में देश भर में कई राजनीतिक पार्टियांं बनी हुई जो कि टैक्स छूट का फायदा उठाती है। 
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चुनाव आयोग ने चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल रोकने के लिए तीन सुझाव दिए हैं। पहला सुझाव यह है कि राजनीतिक दलों के दो हजार रुपए से ज्यादा गुप्त चंदा लेने पर रोक लगाने का है। अभी यह सीमा 20 हजार रुपए है। दूसरा चुनाव नहीं लड़ने वाले राजनीतिक दलों को आयकर से छूट न दी जाए। सिर्फ लोकसभा या विधानसभा चुनाव में सीटें जीतने वाले दलों को ही यह छूट मिले। तीसरा राजनीतिक दलों को कूपन के जरिए चंदा देने वालों का भी पूरा ब्यौरा रखा जाए। चुनाव आयोग ने तीनों सुझावों को लागू करने के लिए केंद्र से कानून में संशाोधन करने की सिफारिश की है। यहां यह बता दें कि अभी राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर यह छूट है कि गुप्त चंदे पर कानूनी रोक नहीं है। 
अलबता इसको लेकर एक आंशिक शर्त है, वह यह कि 20 हजार रुपए से ज्यादा के चंदे का ब्यौरा देना जरूरी है। इसके अलावा राजनीतिक दलों को संपत्ति, चंदा, केपिटल गेन या दूसरे स्त्रोतों से हुई आमदनी पर कोई टैक्स नहीं है। कूपन या रसीद के जरिए चंदा देने वालों का ब्यौरा रखना जरूरी नहीं है। इस छूट का फायदा उठाने के लिए बड़ी रकम छोटे हिस्से में दिखाकर सभी पार्टियां टैक्स बचत का फायदा उठाती रही है। 
अटलजी- अंबेडकर जन्मदिन पर डिजिटल इनामी योजना
मान लो एक लाख रुपए का चंदा मिला है, तो 20-20 हजार रुपए का चंदा 5 लोगों से मिलना दिखाकर टैक्स छूट का फायदा उठाती है, पार्टियां। यही नहीं कर छूट का फायदा उठाने के लिए लोगों ने राजनीतिक दल बना लिए हैं। इस बारे में कुछ दिनों पहले ही चुनाव आयोग ने ध्यान दिलाया कि देश में पंजीकृत करीब 1900 राजनीतिक दलों में से 1400 से ऐसे राजनीतिक दल है, जिन्होंने कभी भी चुनाव नहीं लड़ा। आयोग ने कहा है कि संभवत: ऐसी पार्टियों का मकसद केवल केवल कालाधन को सफेद करना है। 
वे राजनीतिक दल के नाम पर आयकर में मिली छूट का लाभ उठा रहे हैं। यही नहीं राजनीतिक दल 10-20 रुपए के कूपन छपवा कर कितनी भी रकम दान में दिखा सकते हैं। जबकि हमारे पड़ोसी भूटान व नेपाल का चुनावी कानून कहता है कि चुनाव कोष में आए हर दान के साथ दानदाता का नाम-पता बताना अनिवार्य है। भले ही उसने रकम कितनी भी दी हो। यही कानूनी व्यवस्था जर्मनी, ब्राजील, इटली, बुल्गेरिया, अमेरिका, जापान, फ्रांस आदि में भी है। वहां चुनाव के बाद चुनाव खर्च का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग को देना अनिवार्य है। 
हम अपने को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहते हैं, लेकिन अब तक चुनाव को स्वच्छ नहीं बना पाए हैं। असोसिएशन फॉर डेमोके्रटिक रिफोर्म (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वाच (एनईडब्ल्यू) के अनुसार हमारे राजनीतिक दलों के फंडा का 75 फीसदी स्त्रोत अज्ञात रहता है। एडीआर की 2013 की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक दलों को 75 फीसदी चंदा अज्ञात स्त्रोतों से मिला। पिछले दस साल में सियासी दलों का चंदा 478 फीसदी बढ़ा। सन् 2004 के लोकसभा चुनाव में 38 दलों ने 253.46 करोड़ रुपए चंदा जुटाया। 
2014 में यह आंकड़ा 1463.63 करोड़ हो गया। सन् 2004 से 2015 के बीच हुए 71 विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों को कुल 3368.06 करोड़ रुपए मिले। इसमें 63 फीसदी किस्सा कैश (नकदी) था। पिछले तीन लोकसभा चुनावों में भी 44 प्रतिशत दान नकदी में ही मिला। इन दिनों जबकि नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने के लिए टैक्स और जुर्माने का प्रावधान किया है सरकार ने। लेकिन राजनीतिक दलों के लिए टैक्स में छूट की व्यवस्था जारी रखकर केंद्र सरकार ने आम जनता और राजनीतिक दलों के बीच दोहरे रवैए का परिचय दिया है। 
एक तरफ वह जनता के लिए रोज सख्त से सख्त नियम बना रही है, लेकिन देश की सियासी ताकतों से टकराने की हिम्मत नहीं दिखा रही है। जब सत्ता में बैठी शक्तियां ही पारदर्शिता नहीं अपनाएंगी तो फिर बाकी लोगों के खिलाफ कार्रवाई का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को केंद्र सरकार ने साफ किया कि राजनीतिक दलों के खाते में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों में जमा राशि पर आयकर नहीं लगेगा। लेकिन यह राशि 20 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और दस्तावेजों में दर्ज होनी चाहिए। 

यहां यह बता दें कि आयकर कानून 1961 की धारा 13 ए के तहत राजनीतिक दलों को उनकी आय पर कर से छूट प्राप्त है। उनकी यह आय आवास संपत्ति, अन्य स्त्रोतों, पूंजीगत लाभ और किसी व्यक्ति की ओर से स्वैच्छिक योगदान से हो सकती है। दरअसल यह व्यवस्था काफी समय से चली आ रही है और इसकी आड़ में कालेधन को सफेद किया जाता है। कमोबेश सारे ही राजनीतिक दल जितनी चुनावी कमाई करते हैं, उसका सबसे बड़ा हिस्सा वे 20 हजार रुपए से कम के दान खाते में दिखाते हैं। 
जब चुनाव आयोग उनसे विस्तृत हिसाब मांगता है तो वे आधी-अधूरी खानापूर्ति भर कर देते हैं। कालेधन को खपाने का यह खेल दूसरे तरीके से भी चल रहा है। इसी बात के मद्देनजर चुनाव आयोग ने चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले गुप्त चंदे की राशि 2 हजार रुपए तक सीमित किए जाने के लिए कानून में संशोधन किए जाने का केंद्र सरकार से अनुरोध किया है। एक ओर जहां चुनाव आयोग ने यह सुझाव दिया है, वही सरकार ने पिछले सप्ताह स्पष्ट किया था कि राजनीतिक दलों के खातों में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट जमा कराने पर आयकर नहीं लगेगा।
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Tuesday, 20 December 2016

आम लोगों का भरोसा बनाए रखने का प्रयास

Hindi Newsकेंद्र सरकार ने कालेधन को ठिकाने लगाने और नए नोटों बदलने में हो रही गड़बडि़यों की धरपकड़ करने के लिए आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के साथ ही सीबीआई, आईबी और ‘रॉ’ के अलावा स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी इस अभियान में झौंक दिया है और भ्रष्ट तत्वों की घेरेबंदी कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चिित करने को कहा है। 
सभी तरह के सक्रियता और सतर्कता के बावजूद जिस तरह बड़े पैमाने पर कालेधन के साथ नए नोटों की बरामदी हो रही है। इससे नोटबंदी के जरिए कालेधन वालों पर अंकुश लगाने का मकसद एक बड़ी हद तक विफल होता हुआ नजर आ रहा है। 
धांधली कर कालाधन बदलने के खेल में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भी सवालों के घेरे में आ गया है। बैंगलुरू स्थित रीजनल आफिस के दो और कर्मचारियों को सीबीआई ने शनिवार की रात गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी सीनियर स्पेशल असिंसटेंट और उनके साथ एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी रिजर्व बैंक के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए आरोपियों के पास नए नोटबंदी जिम्मेदारी थी।
 इन्होंने 1.99 करोड़ रुपए के पुराने नोट गलत तरीके से बदले। मुंबई पुलिस ने अंधेरी इलाके में दो-दो हजार रुपए के नए नोटों के रूप में 1.40 करोड़ रुपए जब्त किए और चार लोगों को गिरफ्तार किया। 
ईडी ने चंडीगढ़ व मोहाली में एक दर्जी के यहां से 31 लाख रुपए कैश और ढ़ाई किलो सोना पकड़ा। पकड़े गए नोटों में 18 लाख रुपए के नए नोट थे। इससे पहले शुक्रवार को आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की विभिन्न टीमों ने जिस तरह देशभर में करीब तीन सौ ठिकानों पर छापेमारी की और उस दौरान तीन सौ करोड़ रुपए से अधिक का कालाधन और नए नोट मिले, उससे तो यह साबित हो रहा है कि न तो कालेधन को सफेद करने में जुटे लोगों की सेहत पर कोई असर पड़ा है और नहीं उन बेईमान बैंक कर्मचारियों के दुस्साहस पर। ये अब भी आम जनता और सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
 यह पहले दिन से ही तय था कि कालेधन वाले लोग किसी न किसी जतन से सरकारी तंत्र को धोखा देने की कोशिश करेंगे, लेकिन ऐसा अंदेशा कम ही था कि ऐसे तत्वों की मदद खुद बैंक कर्मी ही करेंगे। सरकार इससे संतुष्ट नहीं हो सकती कि बड़ी संख्या में छापेमारी के दौरान कालेधन के साथ-साथ नए नोटों को बरामद किया जा रहा है। 
क्योंकि यह एक तथ्य है कि केंद्रीय एजेंसियां इस स्थिति में नहीं कि वे कालेधन को सफेद करने में लिप्त सभी संदिग्ध तत्वों के साथ-साथ भ्रष्ट बैंक कर्मियों की भी निगरानी कर सके। 
छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के दूर-दराज इलाकों में तो केंद्रीय एजेंसियों की कोई उपस्थिति ही नहीं है। अब तक के आकलन के अनुसार नोटबंदी के बाद से 3000 करोड़ के कालेधन के साथ बड़ी मात्रा में नए नोट हाथ लगे हैं। यह मानने में अच्छे-भले कारण है कि जितनी राशि के नए नोट पकड़े गए हैं उससे कई गुना अधिक पकड़ में नहीं आए होंगे। इसके भी आसार कम ही है कि छापेमारी में जुटी केंद्रीय एजेंसियां भ्रष्ट बैंक कर्मियों को आने वाले दिनों में हतोत्साहित करने में समर्थ साबित होंगे। 
केंद्र सरकार और उसके नीति-नियंता चाहे जो दावा करें, बैंकिंग व्यवस्था का भ्रष्टाचार अपने विदू्रप रूप में सामने आ गया है। यह कहने में हर्ज नहीं कि बैंकिंग व्यवस्था के भ्रष्ट तंत्र ने सरकार के इरादों पर पानी फेरने का काम किया है। इस भ्रष्ट तंत्र की कारगुजारियों से सरकार को जरूरी सबक सीखने में देर नहीं करनी चाहिए।
 सरकार को यह भी समझना होगा कि आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी चाहे जितनी चुस्ती दिखा रहे हों, वे भी कोई दूध के धुले नहीं है। इन दोनों विभागों में भी भ्रष्ट तत्वों की मौजूदगी है। आखिर इसकी पुष्टि कौन करेगा कि कालेधन नए नोटों की बरामदगी के जो दावे इन विभागों के अधिकारी कर रहे हैं। 
वे बिना किसी हेरफेर के किए जा रहे हैं। नए नोटों की बरामदगी के मामलों को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने की जनरल क्यों नहीं समझी जा रही है? अब जबकि नए नोटों की बरामदगी सरकार की साख को प्रभावित कर रही है, तब तो उसकी ओर से जरूरी सख्ती दिखाई ही जानी चाहिए।
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Monday, 19 December 2016

कैशलेस भारत की राह में अड़चने

Hindi News : नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान की तरफ रूख करने वालों के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी इंटरनेट गायब तो कभी नेटवर्क धोखा दे रहा है। सरकारी महकमों, बैंकों और रिजर्व बैंक के पास ऐसी शिकायतों का अंबार लग रहा है। 
जिनका निपटारा करना तो दूर जवाब भी फिलहाल उनके पास नहीं है। एक महीने में तकरीबन सवा लाख शिकायतें मिली है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए जाने के बाद डिजिटल भुगतान में करीब 1200 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मास्टर और वीजा कार्ड को अलग रख दिया जाए। इसके बावजूद एक माह के भीतर रूपे कार्ड, ई-वॉलेट, यूपीआई, यूएसएसडी और पीओएस मशीन के जरिए भुगतान में औसतन 400 से 1300 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। डिजिटल भुगतान में आई बाढ़ से सरकारी और निजी क्षेत्र को नई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके सीमित क्षमता वाले सर्वर अटकने लगे हैं।
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 उत्तर प्रदेश से लेकर गुजरात विद्युत वितरण निगम हो या फिर निजी वॉलेट कंपनी, हरेक को इंटरनेट या कनेक्टिविटी के गायब होने जैसी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों की माने तो नोटबंदी के बाद से अब तक वित्त मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी, टेली कॉम, नीति आयोग व रिजर्व बैंक उनसे जुड़े विभागों में डिजिटल लेनदेन में तकनीकी दिक्कतों से जुड़ी सवा लाख से भी ज्यादा शिकायतें आई हैं। 
इनमें सर्वाधिक भुगतान के दौरान सर्वर गायब होने, पीओएस मशीन के हैंग होने और मोबाइल से भुगतान के दौरान कनेक्टिविटी के धोखा देने से जुड़ी शिकायतें हैं। सर्वाधिक शिकायतें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और महाराष्ट्र से आई है। जबकि केरल, कर्नाटक और गोवा से कोई शिकायत नहीं मिली है।
 विभिन्न तरह की दस दिक्कतें आ रही है। इनमें पीओएस मशीन से कार्ड स्वाइप करते हुए भुगतान का अटकना, ई-वॉलेट से भुगतान के दौरान इंटरनेट केनिक्टविटी का गायब होना, सरकारी सेवाओं में भुगतान के दौरान सर्वर डाउन होना, यूपीआई से भुगतान के दौरान कनेक्टिविटी की दिक्कतें, इंटरनेट बैंकिंग से भुगतान के दौरान बैंक वेबसाइट हैंग, तकनीकी परेशानी से भुगतान अटकने पर घंटों इंतजार करना पड़ा, कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल की कमी से कनेक्टिविटी कमजोर, इंटरनेट की गति धीमी होने से घंटों में हो रहा एक डिजिटल भुगतान, डिजिटल भुगतान अटकने पर बैंकों द्वारा नहीं मिल रहा जवाब और कनेक्टिविटी नहीं होने पर कार्ड कई बार स्वाइप करने से खराब हो रहे हैं।
 विशेषज्ञों के मुताबिक पीओएस द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकारने के लिए इंटरनेट की एक निश्चित गति होनी चाहिए। अगर कनेक्टिविटी सही नहीं होगी तो भुगतान की प्रक्रिया अटक सकती है। साथ ही ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ने से प्रक्रिया पर दबाव बढ़ता है। इसी की वजह से मौजूदा समय में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। 
सूत्रों के मुताबिक यही वजह है कि सरकार देश व्यापी टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 14444 शुरू करने की तैयारी में है। इस पर कॉल कर डिजिटल भुगतान में आने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी दिक्कत के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकार के  विभिन्न महकमों में डिजिटल भुगतान के अटकने की शिकायतें आ रही है। लेकिन तमाम सरकारी विभाग इसे मामूली दिक्कत बता रहे हैं। कैशलेस अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया के शीर्ष पांच देशों बेल्जियम, फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन और स्वीडन से तुलना करे तो भारत को अभी लंबा सफर तय करना है। शीर्ष देशों की तरह डिजिटल होने में कई अड़चने हैं। 
भारत में लेनदेन के लिए 98 प्रतिशत नकदी का इस्तेमाल होता है, जबकि स्वीडन में केवल 2 फीसदी नकदी का इस्तेमाल होता है। ‘कैशलेस भारत’ के निर्माण के क्षेत्र में साक्षरता दर भी एक अहम कारण है। लोगों को साक्षर किए बिना इन्हें ‘ई-पेमेंट’ इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग से जोड़ना बहुत ही मुश्किल होगा। कैशलेस अर्थव्यवस्था वाले देशों स्वीडन, फ्रांस, ब्रिटेन और बेल्जियम में साक्षरता दर 99 फीसदी है, जबकि भारत में साक्षरता दर 74.4 प्रतिशत है। यही नहीं ‘डिजिटल अर्थव्यवस्था’ के लिए इंटरनेट की उपलब्धता बेहद जरूरी है। 
News in Hindiशीर्ष देशों के मुकाबले भारत में प्रति व्यक्ति इंटरनेट की उपलब्धता बहुत ही कम है। इंटरनेट की छोडि़ए भारत में मोबाइल भी 83 फीसदी लोगों के पास ही है। कैशलेस अर्थव्यवस्था वाले 5 शीर्ष देशों में जहां स्वीडन में 94.6, कनाडा में 93.3, ब्रिटेन में 91.6, बेल्जियम में 85 और फ्रांस में 83.8 प्रतिशत इंटरनेट की सुविधा है, वहीं भारत में मात्र 36.5 फीसदी सुविधा है। कैशलेस अर्थव्यवस्था में इंटरनेट की स्पीड भी अहम है। भारत में पेज लोड होने पर 5.5 सेकेंड औसतन समय लगता है, जबकि चीन में औसतन 2.6 सेकेंड लगता है। 
प्रति व्यक्ति इंटरनेट उपलब्धता के साथ-साथ उसकी स्पीड में सुधार होना भी जरूरी है। देश में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां इंटरनेट की गति बहुत ही खराब है। जबकि कैशलेस अपनाने वाले देश इस मामले में शीर्ष पर है। कैशलेस अर्थव्यवस्था वाले पांच शीर्ष मुल्कों को रैटिंग रैंक इस प्रकार है। ब्रिटेन की 5, स्वीडन की 7, फ्रांस की 16, बेल्जियम की 22 और कनाडा की रैंक क्रमश: 25 है। इसी प्रकार 10 में से रेटिंग ब्रिटेन की 8.57, स्वीडन 8.45, फ्रांस 8.11, बेल्जियम 7.83 और कनाड़ा की 7.62 है। 
इन सबके मुकाबले भारत की रैंक 138 और रेटिंग मात्र 2.69 ही है। हालांकि कैशलेस अर्थव्यवस्था के मामले में सिर्फ विकसित देश ही नहीं बल्कि अफ्रीका के देश भी हम से आगे हैं। नाइजीरिया, जिम्बाब्बे और केन्या में बड़े पैमाने पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ने में सबसे ज्यादा चिंता साइबर चोरों से सुरक्षा की है। नोटबंदी से ठीक पहले ही देश में 32 लाख डेबिट कार्ड का डाटा चोरी हो गया था। कैशलेस अर्थव्यवस्था अपनाने वाले शीर्ष देशों के सामने भी यह चिंता बरकरार है।
2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत डेबिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले में 2 नंबर पर था। 23 फीसदी डेबिट कार्ड पर खतरा था। स्वीडन जो कि कैशलेस अर्थव्यवस्था में पांच शीर्ष देश में शुमार है, वहां पर गत वर्ष 1.40 लाख धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए। ऐसोचैम तथा ईवाई के संयुक्त अध्ययन ‘‘स्ट्रैटिजिक नेशनल मेजर्स टू काम्बेट साइबर क्राइम’’ के मुताबिक वर्तमान समय में भारत मेें मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है और 40 से 45 फीसदी ई-लेनदेन इसी के जरिए किया जाता है। 
मगर इसके साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 2017 तक 60 से 65 फीसदी की बढ़ोतरी की आशंका है। अध्ययन के मुताबिक पिछले तीन साल में ऐसे मामलों में छह गुना बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक 46 प्रतिशत साइबर अपराध की शिकायतें क्रेडिट/डेबिट कार्ड धोखाधड़ी से जुड़ी ऑनलाइन बैंकिंग की है।
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Wednesday, 14 December 2016

मर्सिडीज नें भारतीय बाजार में उतारी एएमजी सी43

Hindi News: लग्जरी कारों के लिए मशहूर जर्मनी कंपनी मर्सिडीज नें अपनी नई स्पोर्ट्सकार को भारतीय बाजार में पेश कर दिया है। कंपनी की इस कार का नाम है एएमजी सी43। भारतीय बाजार में इसकी कीमत 74.35 लाख रुपए दिल्ली एक्स शोरुम कीमत रखी गई है।
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भारत में एएमजी पोर्टफोलियों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कंपनी नें इसे भारतीय बाजार में पेश किया है। कार के इंजन पर नजर डालें तो इसमें तीन लीटर का वी6 बाय-टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है। 357बीएचपी की ताकत के साथ करीब 520एनएम की टॉर्क जनरेट करता है। 0 से 100 किलोमीटर की रफ्तार मात्र 4.7 सेकेंड में पकड़नें में सक्षम है।फ्यूल टैंक की कैप्सिटी 66 लीटर है। इसमें दिया गया दमदार इंजन से यह कार टॉप स्पीड 250 किलोमीटर/प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
कार के फीचर्स पर नजर डालें तो इसमें कई नए और शानदार फीचर्स को शामिल किया गया है। इसके डिजाइन को स्पोर्टी बनाया गया है। इंटीरियर की बात करे तो कार के डैशबोर्ड पर एल्यूमीनियम लुक दिया गया है। आक्रामक फ्रंट बंपर सहित कई आकर्षक फीचर को शामिल किया गया है। एएमजी सी43 का मुकाबला ऑडी की नेक्स्ट जनरेशन आरएस5 और बीएमड्ब्ल्यू की एम4 स्पोर्टस कार से होगा।
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अग्नि V मिसाइल: 10 चीजें आप इसके बारे में पता होना चाहिए

भारत के परमाणु शक्ति संतुलन में एक ऐतिहासिक दिन चिह्नित, भारत ने ओडिशा के तट से दूर व्हीलर द्वीप से अपनी सबसे लंबे समय तक दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि पंचम का परीक्षण किया। अग्नि पंचम, भारत के सबसे सक्षम सामरिक मिसाइल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित 31 जनवरी, ओडिशा में, 2015 पर परीक्षण किया गया था। 2011 और 2012 के अग्नि पंचम में पिछले दो परीक्षण प्रक्षेपण में सफल होने के नाते अब भारत को एक मिसाइल महाशक्ति बना दिया है।
50 टन के अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल भारतीय परमाणु सक्षम तेजी से एक सुपर पावर बनने का भारत के प्रयासों पेसिंग मिसाइलों की बढ़ती पूल करने के लिए नवीनतम इसके अतिरिक्त है। भारत तेजी से करने के लिए इस तरह के एक दर है कि यहां तक ​​कि ओबामा सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में अपने भाषण में स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी वापस होगा पर एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में और कहा कि विकसित कर रहा है।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों आप अग्नि V मिसाइल के बारे में पता होना चाहिए के रूप में के तहत कहा गया है:
1.Agni वी अभी तक के रूप में यह किसी भी दिशा में लगभग 8,000 किलोमीटर की रेंज को कवर कर सकते हैं भारत के सबसे घातक मिसाइल है। इसका मतलब यह है कि मिसाइल करीब 8,000 किलोमीटर की दूरी पर परमाणु विनाश संभावित ले जाते समय की दूरी कवर कर सकते हैं और चीन से पूर्व में पश्चिम में यूरोप के लगभग सभी को लेकर क्षेत्रों को कवर कर सकते हैं। 
2. इन मिसाइलों उच्च अंत मशीनगनों से चलाई गोलियों से अधिक तेजी से यात्रा करने की क्षमता है। ये मिसाइलें चीन के रणनीतिक रूप से विकसित मिसाइल कवच के लिए एक सही जवाब रहे हैं।
3. अगर कभी स्थिति तब पैदा होती है इन मिसाइलों केवल भारत के प्रधानमंत्री और कोई नहीं के आदेश के बाद शुरू की जा सकती है।
अग्नि पंचम भारत के शुभारंभ 4. अब केवल रूस, चीन, अमेरिका और फ्रांस वर्तमान क्षमता रखने वाले एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल संचालित करने के साथ एक विशिष्ट क्लब में शामिल हो गया है।
5. मिसाइल के बारे में 20 मीटर लंबी है और लगभग 51 टन वजन का होता है।
6. अग्नि पंचम 5000 किमी से अधिक एक 1.1 टन वजनी परमाणु बम ले जा सकता है।
7. बहुत ही उच्च सटीकता रिंग लेजर आधारित Gyro जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली (RINS) और सबसे उन्नत माइक्रो नेवीगेशन सिस्टम (मिनट) कि मिसाइल सटीकता के कुछ मीटर की दूरी पर कुछ ही समय में साथ नामित भीतर लक्ष्य बिंदु तक पहुँच जाता है।
परमाणु हथियारों के अपने शस्त्रागार में 8.India अन्य अग्नि मिसाइलों के रूप में अच्छी तरह से जैसे अग्नि मैं, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ है। अग्नि छठी का अधिकार अब विकास के अंतर्गत है।
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9. अग्नि मिसाइलों का विकास किया और भारतीय सशस्त्र बलों के इस्तेमाल के लिए डीआरडीओ, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा किया जाता है।
10.Agni वी अब तक सतह के लिए, परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है जो एक बेहतर रेंज और फिर एक अधिक शक्तिशाली इंजन पहले अग्नि मिसाइलों है देश में विकसित, इंटरकांटिनेंटल, सतह का सबसे उन्नत रूप है।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत ने आकाश, पृथ्वी, नाग और त्रिशूल जहां सभी विभिन्न हड़ताल क्षमताओं और भूमिका है जैसे अन्य शक्तिशाली मिसाइलों के पास। हालांकि, अग्नि से दूर मिसाइलों की सबसे बेहतर सेट भारत के कब्जे और अग्नि पंचम के गौरवशाली प्रक्षेपण में अब कुल मिलाकर एक दूर बेहतर लीग में भारत की स्थापना की गई है।
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Monday, 12 December 2016

जलवायु परिवर्तन के कारण विलुप्त हो रहे आर्कटिक हिरण


एक शोध के मुताबिक पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव में स्थित आर्कटिक क्षेत्र में पाये जानेवाली हिरण पिछले दो दशकों में जलवायु परिवर्तन के कारण विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गयी है। 
ब्रिटिश पारिस्थितिकी सोसाइटी की बैठक में यह तथ्य सामने आया है। इसमें कहा गया है कि वैज्ञानिकों ने नार्वे के स्वालबार्ड में कारिबू प्रजाति की हिरण का अध्ययन किया जिसमें वयस्क हिरन के औसत वजन में पिछले 16 साल की अवधि में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। वर्ष 1994 में पैदा हुए हिरणों का वजन 121 पाउंड होता था लेकिन वर्ष 2010 में यह गिरकर 106 पाउंड रह गया है।
पूरी खबर पढने के लिए यहाँ करे: https://goo.gl/EGIilg
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Thursday, 8 December 2016

चीन-जापान नहीं, भारत ला रहा है ‘हाइपरलूप’, रफ्तार 1223 किमी/घंटा!


बुलेट ट्रेन के बारे में आपने सुना होगा, जिसकी रफ्तार पलक झपकते ही नजरों से ओझल हो जाती है। बुलेट ट्रेन चलाने के मामले में भारत भले ही चीन और जापान जैसे देशों से पीछे हो, लेकिन हाइपरलूप ट्रांसपोर्ट के ट्रायल के मामले में भारत तमाम बड़े देशों से आगे निकल सकता है। इसे तैयार करने वाली कंपनी ने सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने इसे भारत में चलाने के लिए एक प्रस्ताव भी रखा है। 
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Wednesday, 7 December 2016

नोटबंदी के दौर में यात्रा पर जाते समय फॉलो करें ये टिप्स


जब से 500 और हजार के नोट बंद हुए हैं तब से पर्यटकों को इससे काफी परेशानी हो रही है। अगर आप भी इस समय कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो परेशान न हों। आप कुछ खास बातों को ध्यान में रखकर नोटबंदी के दौर में अपनी यात्रा को आसान बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं इन टिप्स के बारे में...सबसे पहले आप जहां जा रहे हैं वहां के लिए अपने ट्रेवल एजेंट से ऐसा पैकेज बुक कराएं जिसमें आपके खाने-पीने से लेकर ठहरने की उचित व्यवस्था हो, इससे आपको वहां जाकर नकदी की परेशानी नहीं होगी।
पूरी खबर पढने के लिए यहाँ करे: https://goo.gl/WALwlA
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Tuesday, 6 December 2016

नल से पानी का टपकना नहीं होता शुभ


घर में होने वाली छोटी- छोटी बातें धन के नुकसान का कारण बनती हैं। ऐसे में आपको अपने घर के वास्तुदोष पर एक नजर डालने की आवश्यकता होती है। वहीं अगर आप इन बातों का ध्यान रखें तो वास्तुदोष से बचकर अपने धन का संचय आसानी से कर सकते है।
जानने के लिए यहाँ क्लिक करे:  https://goo.gl/Ko8iP4
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Monday, 5 December 2016

जया के अंतिम दर्शन को उमड़ा सैलाब, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भी चेन्नै पहुंचेंगे


तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का निधन हो गया है। देश ने एक बड़ा नेता खो दिया है। 75 दिन अस्पताल में रहने के बाद जयललिता ने चेन्नई के अपोलो अस्पताल में आखिरी सांस ली। जयललिता का पार्थिव शरीर फिलहाल राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। जहां जयललिता को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के अधिकतर नेता जयललिता को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। पूरे राज्यभर में माहौल गमगीन बना हुआ है।
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Sunday, 4 December 2016

जानिए, जयललिता का एक्ट्रेस से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर


अभिनेत्री से नेता बनीं अम्मा के नाम से मशहूर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को दिल का दौरा पड़ा है। तमिलनाडु के साथ-साथ पूरे भारत में भी वो काफी लोकप्रिय हैं। तमिलनाडु की जनता उन्हें करीब से जानती और चाहती है। जनता के बीच वो काफी लोकप्रिय हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि जब वो हंसती हैं तो लोग हंसते हैं और उनके दुख पर लोग रोते हैं। इसका नमूना हम कई बार देख चुके हैं। पिछले ढाई महीने से अस्पताल में भर्ती जयललिता को अब अचानक हार्ट अटैक आया है जिसके बाद उनके समर्थकों में दुख की लहर है और हर तरफ उनके लिए दुआएं हो रही हैं और उनके समर्थक रो रहे हैं।
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Thursday, 1 December 2016

पाण्डु नहीं बन सकते थे पिता तो फिर कैसे हुआ पांडवों का जन्म


पाण्डवों के जन्म के पीछे भी एक बहुत ही रोचक कथा छिपी हुई है। पाण्डवों का जन्म बिना पिता के वीर्य के हुआ था। एक श्राप के कारण पाण्डु अपनी पत्नीयों के साथ संभोग नहीं कर सकते थे और इसी कारण वे पिता बनने में असमर्थ थे। आप जरूर जानना चाहेंगे कि पाण्डवों का जन्म कैसे हुआ, आइए आपको बताते हैं इसके बारे में....
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Wednesday, 30 November 2016

देश का सबसे बड़ा रैकेट, भाई-बहन ने छापे 3 करोड़ के 2000 के जाली नोट, 2 करोड़ बाजार में चला दिए!


मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रूपए के नोट बंद करने के बाद सरकार ने 500 और 2000 रूपए के नए नोट चलाए। सरकार ने भ्रष्टाचार को कम करने के लिए पुराने नोट बंद किए लेकिन अब भी पंजाब के मोहाली में 2000 के नकली नोटों का एक ऐसा रैकेट पकड़ा गया है जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। मोहाली में 21 साल के बीटेक के छात्र अभिनव वर्मा और उसकी 20 साल की कजिन विशाखा वर्मा ने एक स्कैनर के जरिए करीब 3 करोड़ कीमत के 2000 के नकली नोट छाप लिए। क्योंकि लोगों को नए नोट की पहचान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी 
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Tuesday, 29 November 2016

जेट एयरवेज का ऑफर टिकट 899 रुपए में

जेट एयरवेज ने देश की चुनिंदा हवाई रूट पर न्यूनतम 899 रुपए में एकतरफा हवाईयात्रा का ऑफर पेश किया है। एयरलाइन की घोषणा के अनुसार सोमवार मध्यरात्रि से दो दिसंबर तक टिकट बुकिंग कराने वालों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
 इस ऑफर के तहत बुकिंग की तारीख से 15 दिनों तक की यात्रा के लिए इकोनॉमी क्लास के हवाई टिकट बुक कराए जा सकेंगे। 
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Monday, 28 November 2016

सेना के कैंप पर आतंकी हमला, ग्रेनेड फेंके, मुठभेड़ जारी


जम्मू कश्मीर के नगरोटा में सेना के कैंप पर आतंकी हमला हुआ है। फिदायीन आतंकियों ने सेना के कैंप पर ग्रेनेड भी फेंके। फिलहाल, आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और ऑपरेशन जारी है। जानकारी के अनुसार आतंकियों की संख्या दो से तीन के बीच बताई जा रही है। सेना की टुकड़ी पर ग्रेनेड फेंका गया। हमला सुबह साढ़े पांच बजे के करीब हुआ। दो जवानों के घायल होने की खबर है।
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Thursday, 24 November 2016

जगुआर लैंड रोवर की कारों में शामिल होगा ये खास फीचर


लग्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर अपनी उच्च तकनीक और एडवांस फीचर्स के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है। कंपनी की कारों को अच्छा खासा पंसद भी किया जाता है। अपनें ग्राहकों की इच्छा और उनकी जरुरत को ध्यान में रखते हुए कंपनी कई नई तकनिकों को विकास करती है जो इसे बाकी कारों से अलग बनाती है।

अधिक जानकारी के लिए यहाँ करे: https://goo.gl/HUZKFG 

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