Thursday, 9 February 2017

यहां बिना परमिट के जाना है मना

कोहिमा को वैसे तो भारत का स्विटजरलैन्ड कहा जाता है। यहां रहने वाले आदिवासी समुदाय की संस्कृति रंगों से सराबोर है। यही वजह है कि यहां पर्यटक बार-बार जाना चाहते हैं। यहां की संस्कृति को देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में होते हुए भी आपको यहां जाने कि लिए सरकारी परमिट की आवश्यकता होती है।
1486634910.jpg
पूर्वोत्तर के राज्य नागालैंड की राजधानी कोहिमा दरअसल अंगामा नागा जनजाति की धरती है। आपको बता दें कि कोहिमा दूसरे देश की सीमाओं के नजदीक है, इसलिए यहां सुरक्षा कारणों से बगैर आदेश के आने की अनुमति नहीं मिलती। परमिट लेकर जाने वाले लोग भी एक निश्चित समय तक ही यहां रह सकते हैं। इनर लाइन परमिट भारत का आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है, जो देश और विदेशों के टूरिस्ट्स को प्रोटेक्टेड एरिया में जाने के लिए परमिट देता है।
कोहिमा जाने वाले पर्यटक यहां से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित दजुकोउ घाटी पर भी जाना पसंद करते हैं। एक बेहद ही खूबसूरत घाटी है। यहां खास तरह के फूल पाए जाते हैं, जिनमें एकोनिटम और एन्फोबियस प्रमुख हैं। इस घाटी के पास में जप्फु चोटी स्थित है। जप्फू मनोहारी दृश्यों से भरपूर है।
इस पहाड़ की चोटी पर घने और सदाबहार जंगल हैं इसके अलावा यहां राज्य संग्राहलय, एम्पोरियम, नागा हेरिटेज कॉम्पलैक्स, कोहिमा गांव, दजुकोउ घाटी, जप्फु चोटी, त्सेमिन्यु, खोनोमा गांव, दज्युलेकी और त्योफेमा टूरिस्ट गांव प्रमुख हैं। यहां की इन खास धरोहरों और सुंदरता को देखने के लिए विशेष परमिट लेकर भी यहां जाना पसंद करते हैं।
ताजा हिंदी खबरो के लिए क्लिक करे Samachar Jagat पर

No comments:

Post a Comment